कुछ ख़ास

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जब आईपीएल जीतने पर इस खिलाड़ी ने नीता अम्बानी को गोद में उठाया, फोटोज

आईपीएल को क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा त्यौहार कहा जाता है जिसका दुनिया भर के क्रिकेट जगत में अपना अलग ही रूतबा है. सभी लोग अपने अपने तरीके से इसे जीते है और खूब आनंद भी लेते है जिसे होते हुए हम सभी ने देखा भी है. हाल ही में आपने देखा होगा आईपीएल की ट्रोफी नीता अम्बानी ने जीत ली थी और इसे सबने बड़ी ही खुशियों के साथ में इसे स्वीकार भी किया, लेकिन हम इस बार के आईपीएल की बात नही कर रहे बल्कि सन 2010 के आईपीएल की बात कर रहे है जब एक बार और मुंबई इंडियन्स ने ये ट्रोफी हासिल की थी और नीता अम्बानी ने ग्राउंड पर आकर के इसे सेलिब्रेट किया था.

सभी खिलाड़ी इतने ज्यादा जोश में थे कि हरभजन सिंह ने नीता अम्बानी को गोद में ही उठा लिया था. ये इतना खुशियों से भरा हुआ मोमेंट था कि बस पूछो मत और अपने आप में इसने सारी दुनिया का ध्यान अपने ओर आकर्षित किया था इस बात से भी इनकार नही किया जा सकता है.

नीता अम्बानी की ये तस्वीरे इन्टरनेट पर काफी वायरल हुई और लोगो ने तारीफ़ भी की क्योंकि बहुत ही कम होता है जब टीम के ओनर्स इस तरह से खिलाडियों के साथ में सेलिब्रेट करते है और जब अम्बानी परिवार से कोई ऐसा करता है तो फिर तो उसका महत्त्व और भी ज्यादा बढ़ ही जाता है जैसा कि अभी हाल ही में इन फोटोज में आपने देखा है.

इस बार भी मुंबई इंडियन ने ही ट्रोफी को हासिल किया है और शुरू में तो ऐसा लगा कि सीएसके बाजी मार ले जाएगा लेकिन ऐसा नही हुआ और आखिर में मुंबई वाले बाजी मार ले गये. जिसके बाद नीता अम्बानी ने ये ट्रोफी भी कृष्ण भगवान् के चरणों में जाकर के चढ़ा दी. वो अपनी जीत के पीछे उन्ही का आशीर्वाद मानते है.

अपने घोड़े चेतक के मुंह पर हाथी की सूंड क्यों लगाते थे महाराणा प्रताप?

महाराणा प्रताप हिन्दुस्तान के सबसे बड़े राजाओ में से एक गिने जाते है जिन्होंने इतिहास में अपना अलग ही किस्म का रूतबा कायम किया है. राणा प्रताप का नाम आज भी लिया जाता है तो बेहद ही सम्मान के साथ में लिया जाता है. आज हम आपको बताने जा रहे है प्रताप के खास घोड़े चेतक के बारे में जो उनके बेटे की तरह उन्हें प्यारा था. महाराणा प्रताप और उनके भाई शक्ति प्रताप जब घोड़े चुनने पहुँचे तो पहली नजर में ही प्रताप को चेतक पसंद आ गया था

लेकिन इसके बावजूद उन्होंने चेतक को पसंद न करके आगे बढे और एक सफ़ेद घोड़े की तारीफ़ करने लगे जिसे देख शक्ति ने वो घोडा पसंद कर लिया. शक्ति को वो घोडा देकर प्रताप ने चेतक ले लिया और फिर वो उनका हर युद्ध का साथी बना. चेतक की हाइट 7 फुट से भी ज्यादा थी जो उसे एक छोटे हाथी जैसा दिखाती थी.

इतना मोटा ताजा तो वो था ही और इस वजह से युद्ध के वक्त प्रताप चेतक के मुंह पर हाथी की सूंड लगा लेते थे ताकि जब वो लड़ाई करने जाए तो सब लोग चेतक को हाथी समझकर के भ्रमित हो जाए और वो उसका फायदा उठाकर के सबको कुचल डाले. सब पर वैसे ही हमला कर सके जैसे हाथी पर बैठकर के कर सकते है और गति तो उन्हें घोड़े सी मिला ही करती थी. चेतक उनके साथ राज काज के वक्त से लेकर उनके वनवास तक उनका साथी रहा.

उन्होंने चेतक के साथ में मिलकर कई लडाइयां लड़ी और जीती. जब हल्दीघाटी के युद्ध में प्रताप घायल हो गये थे और चेतक की एक टांग भी टूट गयी थी. तो चेतक भागकर उन्हें युद्ध क्षेत्र से दूर ले गया. उसने एक बहुत ही लम्बी खाई कूदकर राणा प्रताप को एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जहाँ पर आज भी चेतक का स्मारक बना हुआ है और लोग उसे एक वफादार घोड़े के रूप में याद करते है.

श्रीलंकाई क्रिकेटर मलिंगा की पत्नी है ख़ूबसूरती की मिसाल, तस्वीरे कर देती है दीवाना

पूरी दुनिया में कुछ एक क्रिकेटर ही है जो बहुत ही बड़ी पहचान रखते है. उनमे से एक है लसिथ मलिंगा जो श्रीलंका से आते है और इतने से छोटे से देश से आने के बावजूद श्रीलंका के मलिंगा का काफी बड़ा नाम है. वो अपने आप में एक अलग ही किस्म की शख्शियत है इस बात में कोई भी शक नही है.

चलिए फिर आज हम आपको मिलवाते है मलिंगा की पत्नी से जो ख़ूबसूरती के अलग ही मुकाम पर है और मलिंगा की पत्नी को देखने के बाद एक बार के लिए तो आप भी बोल ही देंगे कि ब्यूटी तो आखिर इसी को ही कहते है.

लसिथ मलिंगा की पत्नी का नाम तान्या परेरा है. वो पेशे से एक मशहूर डांसर रही है और उनकी भी अपनी खुदकी एक बड़ी फैन फोलोइंग रह चुकी है. आज भी वो एक नामचीन चेहरा है और मलिंगा की पत्नी होने के अलावा भी उनकी अपनी खुदकी पहचान है

तान्या दिखने में तो सुंदर नजर आती ही है. साथ ही साथ में उनके पास में एक अच्छा खासा फिगर भी है जो किसी को भी आकर्षित करने के लिए काफी है. वो अपने आप में एक आकर्षक महिला है इस बात में कोई भी शक नही है और मलिंगा उनके साथ में अक्सर ही कई इवेंट्स में भी नजर आते रहते है. दोनों का एक प्यारा बेबी भी है जिसके बारे में आपको मालूम नही होगा.

वही बात करे मलिंगा की तो वो इंटरनेशनल क्रिकेट के जगत में टॉप में शुमार रहे है. उन्होंने बॉलिंग की दुनिया में एक क्रांन्ति ही लाई है जिसे कोई भी कभी भी भूल नही सकता है. जब तक क्रिकेट की जगत का सूरज उगा हुआ रहेगा तब तक उनका नाम भी उसके साथ में चमकता और दमकता रहेगा. उनकी पत्नी तान्या परेरा को भी आखिर इसका श्रेय मिलना ही चाहिए.

पिता के पास है 80 हजार करोड़ की सम्पति, लेकिन बेटा खेलता है 30 लाख के लिये आईपीएल

अक्सर जब भी बात आती है एक क्रिकेटर की तो वो एक आम परिवार से ही आते है और एक बड़े उद्योगपति का बेटा आगे चलकर के क्रिकेटर या स्पोर्ट्समेन टाइप में कुछ बनेगा ऐसी तो कोई कल्पना भी नही करता है. मगर आज हम आपको बताने जा रहे है ऐसे एक क्रिकेटर के बारे में जिसके पास में हिन्दुस्तान के सबसे टॉप उध्योगपतियों में शामिल होने का मौक़ा था मगर उसने इन सबकी बजाय एक सामान्य क्रिकेटर बनना चुना. हम बात कर रहे है आर्यमान कुमार बिडला की.

आर्यमान को आप चाहे जाते हो या फिर न जानते हो लेकिन उनके पिता कुमार मंगलम बिडला को तो जरुर जाते ही होंगे. वो काफ़ी बड़े उद्योगपति है और आज की तारीख में कुमार मंगलम बिडला के पास में 80 हजार करोड़ रूपये की सम्पति है जो उन्हें हिन्दुस्तान के सबसे रईस लोगो में शुमार करती है.

बिडला ग्रुप हिन्दुस्तान के सबसे बड़े बिजनेस घरानो में से एक है जो पिछले कई दशको से देश के प्राइवेट सेक्टर पर राज कर रहा है और उसी की कमान कुमार मंगलम बिडला के हाथ में है और उनके बेटे है आर्यमान बिडला. आर्यमान के पास में सब कुछ सजा सजाया मिल रहा था लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर ग्राउंड में कुछ करने की ठानी और बन गये क्रिकेट प्लेयर.

आर्यमान बिडला ने पहले स्टेट लेवल से खेलना शुरू किया जहाँ पर वो सफल भी हो गये. यहाँ पर सफलता हासिल करने के बाद में आर्यमान बिडला आईपीएल में पहुँच गये जहाँ पर उन्हें 30 लाख रूपये की बोली लगाकर के खरीद लिया गया है. उनकी परफॉरमेंस काफी बेहतर है और वो लगातार खेल भी रहे है. इसे आप एक तरीके से जूनून या फिर पैशन ही कह सकते है जिसके लिए इन्सान अपनी सोने सी किस्मत को ठुकराकर के भी मैदान में पसीना बहाता है.

रात को सोने से पहले गरम पानी के साथ ले ले ये चूर्ण, जिदंगी में कभी पेट खराब नही होगा

समय और लाइफस्टाइल लोगो के बीच में काफी तेजी के साथ में बदल रही है और इस बदलती हुई लाइफस्टाइल ने लोगो की सेहत पर बहुत ही बुरा असर डाला है. ऐसे में हर किसी को पेट से जुडी समस्या होती रहती है और उनमे एसिडिटी तो सबसे ज्यादा बड़ी दिक्कत है. ऐसे में कई लोगो का पेट भी सुबह सुबह साफ़ नही होता है तो उनके लिए एक बहुत ही साधारण सा उपाय है जो बड़ा ही कारगर साबित हो सकता है. इसके लिए आयुर्वेद में एक बहुत ही ख़ास चूरन बताया गया गया है जिसे त्रिफला चूर्ण कहा जाता है. त्रिफला बनाने के लिए तीन चीजो की जरूरत पड़ती है.

पहला आंवला, दूसरा हरड और आखिर में बहेड़ा. ये आपको कही भी परचून की दूकान पर काफी सहूलियत के साथ में मिल जाए चाहिये. इन तीनो ही चीजो को सम मात्रा में मिलाकर के अच्छे से कूट ले और अगर आपके पास इतना समय न हो कि कूट सके तो बाजार में बना बनाया त्रिफला चूर्ण मिलता है जिसमे पतंजली जैसे बड़े ब्रांड भी शामिल है.

इस चूर्ण को रात को खाना खाने के लगभग 2 घंटे बाद और सोने से ठीक पहले गुनगुने पानी के साथ ले ले. आपको इसके लिए लगभग 10 ग्राम की मात्रा लेनी है जो एक व्यस्क के लिए पर्याप्त है. जब आप तीन से चार दिन लगातार इस चूर्ण का सेवन करेंगे तो आप पाएंगे कि ये आपके पेट में एक तरह से झाडू लगाने का कार्य करता है

जिससे सुबह सुबह आपका पेट बड़ी ही आसानी से साफ़ हो जाता है और एक साफ़ सुथरा पेट आपको कई दर्जनों बीमारियों से बचा लेता है. अगर आपको पेट की समस्या न हो तो भी महीने में 5 से 7 दिन त्रिफला चूर्ण लेना फायदेमंद रहता है और ये आपको कई परेशानियों से बचाकर के रखता है.

नवजोत सिंह सिद्धू की बेटी है ख़ूबसूरती की मिसाल, लोग देते है बॉलीवुड हीरोइन बनने की सलाह

नवजोत सिंह सिद्धू को कौन नही जानता है? वो व्यक्ति जिन्होने क्रिकेट की दुनिया में भारत का नाम रौशन किया. इसके बाद वो कॉमेडी शो कपिल शर्मा में भी अपने जलवे बिखेरते नजर आये और आखिर में अब वो पंजाब के उपमुख्यमत्री के तौर पर काम कर रहे है मगर इन सबसे परे सिद्धू पाजी की अपनी एक अलग लाइफ भी है जिसके बारे में अधिकतर लोग नही जानते है.

चलिए फिर आज हम आपको सिद्धू पाजी की बेटी से मिलवाते है जिनके बारे में कहा जाता है कि वो बॉलीवुड में आ जाए तो कैटरीना जैसी हीरोइनो को भी फेल करने की काबिलियत रखती है. नवजोत सिंह सिद्धू की बेटी का नाम राबिया है और उन्होंने फैशन डिजायनिंग में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है जिससे मालूम चलता है कि राबिया खूबसूरत होने के साथ ही साथ में काफी ज्यादा क्रिएटिव भी है.

खैर ये तो अभी की बात हो गयी. राबिया ने अपनी जिदंगी का बड़ा हिस्सा सिंगापुर और विदेशो में बिताया है और बाहर से काफी ज्यादा नोलेज भी ली है लेकिन उनके अन्दर से हिंदुस्तानियत तो आज भी उतनी की उतनी झलकती दिखाई पड़ती है इस बात में कोई भी शक नही है.

राबिया को कुछ वक्त पहले कपिल शर्मा के शो पर भी देखा गया था और वो कपिल की बहुत ही बड़ी फैन भी है. इसके अलावा राबिया सोशल मीडिया पर अच्छी खासी एक्टिव रहती है जिसके चलते उनकी तस्वीरे वायरल होती रहती है और क्योंकि सिद्धू पाजी की फैन फोलोइंग काफी लम्बी चौड़ी है जिसके चलते वो इतनी ज्यादा पसंद की जाती है

आखिर सिद्धू पाजी के फैन्स सीधे सीधे राबिया के फैन तो बन ही जाने है ऊपर से राबिया इतनी खूबसूरत भी जो नजर आती है. हालांकि वो फिल्मो में आयेगी या फिर नही ये तो वो या फिर उनके पापा ही बता सकते है.

ये है 12वी सीबीएसई टॉपर हंसिका शुक्ला जिसका कटा सिर्फ 1 नम्बर, जानिये हंसिका की लाइफ

सीबीएसई की तरफ से बीते गुरूवार को बारवी बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया जिसमे कई छात्रो की किस्मत सुनहरे चम्मच सी निकली तो किसी के हाथ सिर्फ निराशा लगी है मगर इन सबके बीच कोई कमल बनकर के खिला है तो वो है हंसिका शुक्ला. हंसिका इन दिनो में हर तरफ छाई हुई है और इसके पीछे की वजह है हंसिका ने इस बार का बारवी बोर्ड सीबीएसई टॉप किया है. अब आप ये भी तो पूछेंगे कि हंसिका ने कीने नम्बर हासिल किये है? तो बता दे हंसिका को 500 में से कुल 499 नम्बर मिले है.

एक नम्बर हंसिका ने इंग्लिश में गँवा दिया लेकिन इसके बावजूद उनकी पोजीशन पर कोई फर्क नही आया है और वो टॉप पर रही है. इसके अलावा बाकी के विषय राजनीति, इतिहास, सगीत और मनोविग्यान में हंसिका को पूरे सौ के सौ नम्बर मिले है जो अपने आप में काफी अचरज का विषय तो है मगर बात सच भी तो है.

हंसिका गाजियाबाद की डीपीएस में पढ़ाई करती है और रिपोर्ट्स की माने तो वो रोज 5 से 6 घंटे तक रेगुलर पढ़ाई किया करती थी. वो कहती है कि उसने कभी भी टॉप करें के बारे में तो सोचा भी नही था. वो तो बस पढ़ाई करती चली गयी और देखते ही देखते उसे टॉप करने का मौक़ा मिल गया जिसमें वो कामयाब भी हो गयी. हंसिका की ये बाते अपने आप में काफी कुछ कहती है.

बात करे अगर आगे के फ्यूचर की तो वो आगे चलकर के दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करना चाहती है और उसके बाद आईएएस बनकर के देश की सेवा करना चाहती है. हंसिका उन बच्चो के लिए भी काम करना चाहती है जो किसी कारणवश या मजबूरी वश पढ़ लिख नही पाते है. आज पूरा देश उनके बारे में जानना चाहता है और हंसिका के माता और पिता के लिए इससे अधिक गर्व का क्षण नही हो सकता.

उत्तर प्रदेश के इस इलाके में मिला महाभारत के वक्त का खजाना, कई मुकुट और हथियार भी मिले

उत्तर प्रदेश अपने आप में कई सारा इतिहास समेटे हुए है और इस इतिहास में बहुत कुछ देखने को मिलता भी है और अभी हम आपको जो बताने जा रहे है वो अपने आप में बड़ा ही अनोखा है लेकिन सच भी तो है. ये पूरा ममला यूपी के सनौली का है जहाँ पर पुरातत्व विभाग ने ऐसी ऐसी चीजे खोज निकाली है जिसका किसी को अंदाजा भी न रहा होगा. यहाँ पर की गयी खुदाई में जमीन के नीचे कई जानवरों की हड्डियां, मुकुट, हथियार, ताबूत, तलवारे और कई नुकीली चीजे मिली है जिनमे विशेष प्रकार की कलाकृति की झलक भी देखने को मिलती है.

इन चीजो को देखकर के ये बात तो साफ़ हो जाती है कि कभी इस जगह पर किसी बड़ी सेना का डेरा रहा होगा तभी यहाँ पर ये सब कुछ मिला है. इन चीजो पर किये गये अध्ययन से ये भी पता चलता है कि ये लगभग 2 से 4 हजार साल पुरानी चीजे है

और इतना ही पुराना महाभारत काल भी है तो क्या इसका मतलब ये समझा जा सकता है कि ये चीजे महाभारत काल की बची हुई है? इस बार की ये जो भी चीजे मिली है वो हड़प्पा और मोहनजोदड़ो से काफी अलग है और अलग ही नही बल्कि उनकी तुलना में काफी ज्यादा उन्नत भी है. यहाँ पर कई जावरो के शव भी बरामद हुए है जिनके सर का हिस्सा गायब था और इससे मालूम चलता है कि उस समय में यहाँ पर बलि देने की प्रथा रही होगी और ये उनके धार्मिक होने की बात को भी उजागर करता है.

सबसे ख़ास चीज जो यहाँ पर मिली है वो है उड़द की दाल से भरे हुए मटके. यानि उस दौर में भी खेती की प्रथा न सिर्फ चलती थी बल्कि उनके द्वारा उगाई गयी चीजो को मटको में संग्रहित करके रखा जाता था.

थाईलैंड जाने का सोच रहे है तो पहले जान ले ये बाते, इन छोटी छोटी बातो पर जाना पड़ता है जेल

हर देश के अपने नियम कायदे और क़ानून होते है जिसे लोग निभाते है और उसे अपने तरीके से पूरा करना बेहद ही जरूरी भी होता है क्योंकि न करो तो जेल जैसी सजा भी हो जाती है. आज हम आपको बतायेंगे थाईलैंड से जुड़े ऐसे नियम जो आपको कही न कही हैरान भी कर सकते है क्योंकि बाते ही कुछ ऐसी है. आपको ये बात तो मालूम ही होगी भारत में लोग काफी आरामगाह की जिन्दगी जीते है जहाँ पर बेहद ही लचीले क़ानून है. मगर आप थाईलैंड में आप ये गलतियां करते है तो आपको जेल की सजा और जुर्माने तक देखने पड़ सकते है.

तो चलिए फिर जानते है ऐसी ही कुछ एक अनोखी बाते. थाईलैंड में करेंसी यानी नोट का पाँव पर लगना भी एक अपराध है और अगर आप ऐसा करते है तो आपको 15 साल की सजा दे दी जाती है. थाईलैंड में अगर आप च्विंगम चबाकर के कही पर फेंक देते है तो ये भी एक अपराध की श्रेणी में आता है और इस आधार पर अपराधी को 35 हजार रूपये का जुर्माना तक भरना पड़ जाता है.

वही थाईलैंड में एक और अनोखा नियम ये भी है कि अगर आप किसी के सर को छू लेते है तो इसमे भी तीन माह की जेल या फिर जुर्माना कुछ भी हो सकता है क्योंकि थाईलैंड में सर को काफी पवित्र अंग माना जाता है और उसे छूना उसका अपमान है, इसलिए थाईलैंड में जाए तो किसी के भी सर को छूने से बचे.

इस तरह के अजीबो गरीब क़ानून सिर्फ थाईलैंड में ही नही बल्कि दुनिया भर में है जो अपने आप में उनके नागरिको के लिए तो सही है लेकिन जब कोई विदेशी व्यक्ति इनके बारे में सुनता है तो उन्हें थोडा सा अजीब जरुर लगता है पर नागरिको के लिए ये बहुत ही आम बात होती है.

चीन ने इस व्यक्ति ने अपनाया सिख धर्म, बांधता है पग और बढाता है दाढ़ी

चीन एक नास्तिक धर्म के तौर पर मशहूर है वैसे एक समय में इस देश में बौध धर्म का दबदबा रहा है मगर समय के साथ में यहाँ नास्तिको की संख्या बढ़ी है पर कहते है न जहाँ कोई धर्म नही होता वही पर ही धर्म के लिए जगह भी बनती है और ऐसा ही कुछ हाल ही में देखने में भी आया. ये पूरा मामला चीन के एक प्रांत में रहने वाले चीनी युवक का है जो सिख धर्म में रम चुका है. इनका नाम फिलहाल पट सिंह चींग है. इन्होने ये नाम सिख धर्म अपनाने के बाद रखा है. चिंग को इस धर्म में रुचि तब लगी जब ये सिख धर्म की एक किचन संस्था से जुड़े जिसमे लोगो की मदद करना और उन्हें खाना खिलाना सिखाया जाता था.

उनका वहां रोजाना आना जाना हुआ और उन्होंने सिख धर्म ही अपना लिया. यही नही इसके बाद में पट सिंह चिंग ने सिख धर्म से जुड़े सारे नियम भी पालने शुरू किये. वो रोजाना सुबह के 3.30 बजे ही उठ जाते है और उठने के बाद दौड़ने के लिए जाते है.

वो किचन में सेवा करते है और लोगो को खाना खिलाते है. यही नही उन्होंने सिख पहनावा भी अपनाया है जिसके तहत वो दाढ़ी बड़ी रखते है और सर पर पग भी बांधते है जिसके बाद में उनका लुक भी बिलकुल सिखों वाला हो गया है जिसके बाद से ही वो पूरे चीन में ही नही बल्कि पूरे हिन्दुस्तान में भी काफी ज्यादा चर्चा में है.

सिख धर्म पहले से ही कनाडा में अपने पाँव पसार रहा है और अब चीन में भी लोग इसे पसंद करने लगे है जो बताता है कि इस धर्म में अतुल्य शान्ति और संतुष्टि है तभी तो अच्छे दर्जे के लोग इसे अपनाते है और इसके कठिन नियमो का बिना किसी जोर जबरदस्ती के भी पालन करते है.