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वैसे जब आम तौर पर जेल का नाम आता है तो आपके और सभी के दिमाग में एक सामान सी छवि बनती है जो आपने आस पासके पुलिस थानों में देखी होगी, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसी ख़ास जेल के बारे में जो आपको बाकी जेलों से कई मायने में बड़ी ही अलग नजर आयेगी. ये जेल समंदर के बीचो बीच स्थित किले पर बनी हुई है. ये लगभग 500 साल पुराना किला है जिसे अब जेल बना दिया गया है. पहले यहाँ पर कुछ सैकड़ो कैदी हुआ करते थे लेकिन धीरे धीरे इनकी संख्या घटती चली गयी और अब यहाँ पर सिर्फ एक दीपक नाम का कैदी रहता है.

उसे बहुत ही बड़ी और विशाल बैरक में रखा जाता है. शाम के वक्त उसे घूमने फिरने की इजाजत है और खाना उसके लिए पास के ही एक रेस्टोरेंट से मंगवाया जाता है जहाँ का खाना वो खाता है. उसे टीवी देखने की और अखबार पढने की अनुमति है. साथ ही साथ में उससे दैनिक परिश्रम भी करवाया जाता है.

एक रिपोर्ट के अनुसार यहाँ पर एक कैदी के रखरखाव में सरकार को हर साल 32 हजार रूपये तक का खर्च आता है और बाकी यहाँ के स्टाफ की तनख्वाह अलग है, जिसमे जेलर और वहाँ पर रहने वाले सिपाही शामिल है. इस जेल को अब तकरीबन तकरीबन  बंद ही कर दिया गया है. दीपक के बाद में यहाँ पर और कोई भी कैदी नही लाया गया है, इसलिए अब वही एक अकेला वहाँ पर रह रहा है और उसे भी कुछ साल ही बाकी होंगे.

दुनिया में कई तरह की अनोखी जेले है लेकिन दीव किले की ये जेल अपने आप में उनमे बड़ा ही अनोखा स्थान रखती है इसमें कोई भी शक नही है. सबसे पहले इस पर पुर्तगालियो ने कब्जा किया था और अब ये भारत सरकार के अंडर है.

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