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महाराणा प्रताप हिन्दुस्तान के सबसे बड़े राजाओ में से एक गिने जाते है जिन्होंने इतिहास में अपना अलग ही किस्म का रूतबा कायम किया है. राणा प्रताप का नाम आज भी लिया जाता है तो बेहद ही सम्मान के साथ में लिया जाता है. आज हम आपको बताने जा रहे है प्रताप के खास घोड़े चेतक के बारे में जो उनके बेटे की तरह उन्हें प्यारा था. महाराणा प्रताप और उनके भाई शक्ति प्रताप जब घोड़े चुनने पहुँचे तो पहली नजर में ही प्रताप को चेतक पसंद आ गया था

लेकिन इसके बावजूद उन्होंने चेतक को पसंद न करके आगे बढे और एक सफ़ेद घोड़े की तारीफ़ करने लगे जिसे देख शक्ति ने वो घोडा पसंद कर लिया. शक्ति को वो घोडा देकर प्रताप ने चेतक ले लिया और फिर वो उनका हर युद्ध का साथी बना. चेतक की हाइट 7 फुट से भी ज्यादा थी जो उसे एक छोटे हाथी जैसा दिखाती थी.

इतना मोटा ताजा तो वो था ही और इस वजह से युद्ध के वक्त प्रताप चेतक के मुंह पर हाथी की सूंड लगा लेते थे ताकि जब वो लड़ाई करने जाए तो सब लोग चेतक को हाथी समझकर के भ्रमित हो जाए और वो उसका फायदा उठाकर के सबको कुचल डाले. सब पर वैसे ही हमला कर सके जैसे हाथी पर बैठकर के कर सकते है और गति तो उन्हें घोड़े सी मिला ही करती थी. चेतक उनके साथ राज काज के वक्त से लेकर उनके वनवास तक उनका साथी रहा.

उन्होंने चेतक के साथ में मिलकर कई लडाइयां लड़ी और जीती. जब हल्दीघाटी के युद्ध में प्रताप घायल हो गये थे और चेतक की एक टांग भी टूट गयी थी. तो चेतक भागकर उन्हें युद्ध क्षेत्र से दूर ले गया. उसने एक बहुत ही लम्बी खाई कूदकर राणा प्रताप को एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जहाँ पर आज भी चेतक का स्मारक बना हुआ है और लोग उसे एक वफादार घोड़े के रूप में याद करते है.

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