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मसूद अजहर शुरू से ही भारत के लिए एक तरह से सरदर्द बन चुका है. भारत में कई सारी आतंकवादी गतिविधियों के पीछे मसूद का नाम आता है और भारत शुरू से ही मसूद अजहर को ग्लोबर टेरेरिस्ट घोषित करने की मांग करता रहा है लेकिन हर बार चीन वीटो पॉवर का इस्तेमाल करके भारत को ठेंगा दिखाने से पीछे नही रहा. चीन ने भारत के मसूद वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को बार बार खारीच करवाया लेकिन इस बार भारत ने जिस तरह से दुनिया को अपने पक्ष में किया है उसके बाद में चीन को भी अपना स्टैंड बदलना ही पड़ा है.

इसकी जानकारी भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने दी. उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी छोटे और बड़े देश एक साथ आये और उन्होंने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या चीन ने कोई भी अडंगा लगाया है? तो इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि हाँ बिलकुल डन.

इसके बाद से मोदी सरकार की इसे बड़ी कामयाबी माना जा रहा है और लोग कह रहे है कि ऐसा पहले कभी नही हुआ है जब भारत ने इस तरह से पाक को इंटरनेशनल लेवल पर पटखनी दी हो. खैर जो भी हो इसके बाद में मसूद अजहर के पर क़तर दिए जायेंगे क्योंकि यूएन का सदस्य देश होने की वजह से वो उसे शरण नही दे पायेगा और इसके बाद में मसूद का राजीनीतिक तौर पर सामने आना भी मुश्किल है.

खैर जो भी है इसे भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहां है और इसे इस बात का सबूत भी माना जा सकता है कि भारत दुनिया की एक उभरती हुई ताकत है जो किसी से कुछ भी करवाने में सक्षम है. मसूद अजहर के बाद में अब बाकी आतंकी भी इसके बाद भारत से खौफ खाने लगेंगे.

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