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वैसे तो आपने भैंसे खूब देख रखे होंगे और आपने उनके बारे में खूब सुना भी होगा कि वो बेहद ही मोटे ताजे होते है लेकिन अभी हम आपको जिस भैंसे से मिलवाने जा रहे है उसकी तो बाते ही निराली है और रंग ढंग ही अलग है. भैंसे का नाम है जवाहरलाल जांगिड और ये राजस्थान के रहने वाले है जो अक्सर अपने भैंसे को नुमाइश के लिए कई मेलो में लेकर के भी जाते है. उनका भैंसा अपने आप में बड़ा ही चुस्त और तंदरुस्त नजर आता है. इस भैंसे का वजन 1200 किलो है और ये लगभग 6 फीट ऊँचा है. इस विशालकाय भैंसे को बड़े ही प्रेम के साथ में रखा जाता है.

बात करे अगर खुराक की तो इस भैंसे को रोजाना 1 किलो घी, 1 किलो काजू बादाम, 20 लीटर दूध और आधा लीटर दूध पिलाया जाता है. ये सब कुछ खाकर के भैंसे के अन्दर अलग ही किस्म की ताकत आ गयी है. इस भैंसे का नाम भीम रखा गया है जो महाभारत के एक पात्र से प्रेरित है

और भीम को संभालने के लिए उसकी सफाई करने के लिए 10 लोगो की टीम है जो उसे नहलाने से लेकर टहलाने और घुमाने के काम करती है और उसका पूरा ख़याल भी रखती है. जांगिड हर माह रेगुलर तौर पर भैंसे का रेगुलर चेक अप भी करवाते है और डॉक्टर के बताये अनुसार डाइट भी खिलाते है ताकि उसकी ताकत में लगातार इजाफा होता रहे.

भीम को खरीदने के लिए अभी तक उन्हें 10 करोड़ रूपये का ऑफर आ चुका है लेकिन उन्होंने अभी तक इसे बेचा नही है. उनका कहना है कि वो भीम को भैंसो के साथ छोडकर के अच्छे नस्ल के भैंसे तैयार करना चाहते है और चाहते है यहाँ के भैंसे सबसे ज्यादा उन्नत कोटि के हो जिसकी दुनिया भर में पहचान हो और इसके लिए वो दिन रात लगे रहते है.

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