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जी हां आपको बता दें कि पाकिस्तान अब कर्ज़ के दलदल में लगातार धंसता जा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कर्ज उतारने के लिए सरकारी गाड़ियों समेत अनेक सरकारी इमारतों और जमीनों को बेचने की तरकीब निकाल दी है, क्योंकि कंगाली के इस दौर में उन्हें और कोई भी रास्ता नजर नहीं आ रहा है, इसलिए उन्होंने सरकारी संपत्ति को बेचने का एलान कर दिया है।

दरअसल मंगलवार को पीएम इमरान खान ने अपने नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक में कर्ज को दूर करने और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए सरकारी मंत्रालयों, अन्य सरकारी विभागों की इमारतों और सरकारी जमीनों को बेचने का निर्णय ले लिया है, क्योंकि पाकिस्तान पर करीब 27 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपए का कर्ज है। जिसे दूर करने के लिए 45000 प्रॉपर्टी की बिक्री की जाएगी और कर्ज दूर करने के लिए इससे बेहतर उपाय उन्हें नहीं मिल पा रहा है।

पाकिस्तान के मशहूर अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने बुधवार को मीडिया को संपूर्ण निर्णय के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने इस बारे में कहा कि नीलामी के लिए रखी जाने वाली संपत्तियों की पहचान करके एक लिस्ट जारी की गई है, जिसे कैबिनेट को तुरंत भेज दिया गया है। फवाद चौधरी ने कहा कि बिक्री के लिए फास्ट ट्रेक प्रोसेस की एक पॉलिसी को अपनाया जाएगा। इसके लिए पीएम इमरान खान के निर्देशों के अनुसार मिनिस्ट्री ऑफ प्राइवेटाइजेशन की ओर से ऐसैट्स मैनेजमेंट कमेटी बनाई जा चुकी है।

फवाद चौधरी के अनुसार अब तक 45,000 प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा चुकी है, जिन्हें बिक्री के लिए रखा जाएगा। इसमें से ज्यादातर संपतिया ऐसी हैं, जिन पर विवाद है और इन्हें अगले 6 महीने में बेच दिया जाएगा। पाकिस्तान को सऊदी अरब, यूएई और चीन की तरफ से संकट के इस दौर से निपटने के लिए आर्थिक तौर पर मदद के लिए कई बिलियन डॉलर की रकम देने का ऐलान भी हुआ है। इसके अलावा इस्लामाबाद इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड से भी पैकेज की मांग की जा चुकी है।

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