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अरविन्द केजरीवाल अक्सर अपनी किसी न किसी गलती के चलते न सिर्फ राजनीति झमेलों में बल्कि कोर्ट के चक्कर में भी फंस ही जाते है और एक बार फिर से ऐसा हुआ है. क्या हुआ है? चलिए हम आपको बताते है आखिर इस बार केजरीवाल के साथ में क्या हुआ है? दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है और इसमें केजरीवाल के कई साथ भी शामिल है. उन पर बीजेपी की कई समाज में छवि धूमिल करने का आरोप लगा है.

भारतीय जनता पार्टी के नेता राजीव बब्बर के द्वारा अरविन्द केजरीवाल पर ये आरोप लगाये गये है. इसमें अरविन्द केजरीवाल के साथ में उनकी साथी नेता आतिशी मार्लेना और उन्ही के राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता भी शामिल है.

इन पर आरोप लगाया गया है कि इन्होने भारतीय जनता पार्टी की छति को बनिया, पूर्वांचली और मुस्लिमो के प्रति खराब की है और ये कभी भी मान्य नही होगा. इतना ही नही बब्बर ने ये भी आरोप लगाया है कि इनके द्वारा झूठे आरोप लगे कि बीजेपी ने दिल्ली में वोटर लिस्ट से लोगो के नाम कटवा लिए है जिससे लोगो के अन्दर बीजेपी के प्रति जो छवि थी उसे नुकसान पहुंचा है. अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ लगे इन तमाम आरोपों को कोर्ट ने काफी ज्यादा गंभीरता से लिया है और कोर्ट की तरफ से कहा गया है कि सभी आरोपियों को पेश होना होगा और अपनी अपनी सफाई देनी होगी.

आपको बता दे इससे पीला भी अरविन्द केजरीवाल इस तरह से आरोप लगाकर के फंस चुके है जिसमे उन्हें अरुण जेटली से सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगनी पड़ गयी थी. इस तरह से अरविन्द केजरीवाल बार बार बेबुनियाद आरोप लगाकर बिना सबूत आरोप लगाकर के फंसते रहते है और अपनी छवि वो खुद ही खराब कर लेते है जिसका परिणाम अब एक बार फिर से उनके सामने है.

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