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सेंधा नमक और सूखे मेवे में शामिल छुआरा पाकिस्तान में पैदा होते हैं। पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों पर हुए आतंकी हमले के विरोध में कारोबारियों ने सेंधा नमक और छुहारे का आयात पाकिस्तान से बंद कर दिया है। इस कारण सिर्फ सात दिन के अंदर ही शहर के बाजारों में 6 रुपए प्रति किलो बिकने वाला सेंधा नमक 15 रुपए और 60 रुपए किलो वाला छुहारा 100 रुपए किलाेग्राम हो गया है। ओलावृष्टि के कारण पान की खेती करने वाले किसान अत्यंत पीड़ित हैं।

अब तक किसानों द्वारा दूसरे देशों सहित पाकिस्तान की भी डिमांड पूरी की जा रही थी। अब पान की कीमतें दुगुनी होने के कारण पान सिर्फ देश में ही बेचा जाएगा। पाकिस्तान के झेलम जिले की खेवरा, वारछा और कालाबाग क्षेत्र की चट्टानों से सेंधा नमक आता है। इस पर कारोबारी शंकरलाल करडा ने बताया कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सेंधा नमक का आयात बिल्कुल ही बंद कर लिया है।

अमृतसर के बड़े व्यापारियों की मांग पर सेंधा नमक पाकिस्तान से मंगवा कर ग्वालियर भेजा जाता था। हॉलसेल बाजार से प्रतिदिन 500 किलो सेंधा नमक की बिक्री होती है। ओलावृष्टि के कारण पान की खेती करने वाले किसान बहुत ही परेशान है। फिर भी वे जैसे-तैसे करके उन निर्यातकों की डिमांड पूरी कर रहे थे, जो कि पाकिस्तान सहित अन्य देशों में पान भेज रहे थे। किसानों ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के पश्चात भी भी बार-बार डिमांड आ रही है, लेकिन हमने उनको पान नहीं दिए।

यहां से औसतन प्रतिमाह 200 डलिया पान विदेशों के लिए जाता है। एक डलिया में 1000 पान होते हैं। बरई के किसान श्री गोविंद ने बताया कि ओलावृष्टि से पान खराब होने से उत्पादन कम रह गया है। 200 रुपए प्रति किलो वाले देशी पान की कीमत 400 रुपए किलो मिल रही है। इसलिए अब पान अपने देश में ही बेचेंगे। विदेशों के लिए नहीं भेजेंगे। भारत सरकार ने पाकिस्तान से आयात होने वाली वस्तुओं पर लगने वाली वस्तुओं पर आयात शुल्क 200% कर दिया है। इस कारण कारोबारियों ने छुहारा मंगवाना ही बंद कर दिया है। भरतीय बाजार से प्रतिदिन छुहारे की बिक्री 400 किलो हो जाती है।

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