SHARE

पुलवामा में जो कुछ भी हुआ उसके बाद में देश में सरकार एक्शन में है इसके बाद में हर तरफ अफरातफरी सी मची हुई है और खास तौर पर एक्शन के दायरे में आ गये है अलगाववादी नेता जिनके खिलाफ मोदी सरकार ने पहला फैसला लिया और उनसे सारी की सारी सुरक्षाये छीन ली गयी. इनमे कुल 150 से भी ज्यादा नेता लोग शामिल है. अब इसके बाद में अलगाववादी नेता यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया है. यासीन मालिक के खिलाफ एक केस में सुनवाई होती है, जिसके चलते फिर अब उन्हें अरेस्ट कर लिया गया है.

यासीन मलिक को पकड़कर के कोठीबाग़ थाने में रखा गया है जहाँ पर उन्हें पकड़कर रखा जा रहा है. इसके अलावा जम्मू और कश्मीर को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि जिस तरह से सरकार कार्यवाही कर रही है उसके बाद में जम्मू कश्मीर में विरोध होने या फिर पत्थरबाजी होने की सभावना भी लग रही है.

इसके चलते अब जगह जगह पर बीएसएफ और सीआरपीएफ की कम्पनियां काफी सख्ती के साथ तैनात कर दी गयी है. कई संवेदनशील इलाको को बिलकुल छावनी में तब्दील कर दिया गया है जिसके चलते अब जम्मू कश्मीर में परिंदा भी सरकार की मदद के पर नही मार सकता है और कही न कही इसी तरह की सरकार की सख्ती की जम्मू कश्मीर में दरकार थी. हालांकि अब जम्मू कश्मीर में इस तरह की चीजे होना आम हो गयी है और सरकार को इन पर टिके रहने की जरूरत भी है.

अगर अब सरकार थोड़ी भी ढील पड़ी तो जम्मू कश्मीर में हालत  बिगड़ जायेंगे तो या तो पूरी सख्ती की दरकार रहती है या फिर पूरी नरमी की, बीच का रास्ता अक्सर ही घातक साबित होने लग जाता है. पुलवामा हमले के बाद में हर तरफ से सरकार पर  प्रेशर है कि उनकी तरफ तो अब समस्याएँ हल होने के आसार भी है.

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY