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पुलवामा में जो कुछ भी हुआ है उसके बाद से ही देश भर में गुस्सा फूटा पडा है. हर कोई सरकार से सख्त कार्यवाही की उम्मीद लगाकर के बैठा है और ऐसे में नरेंद्र मोदी सरकार एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसले लेकर के आतंक के खिलाफ जंग छेड़ चुकी है. इसमें से सबसे पहले तो अब अलगावादी नेताओं की सारी सुरक्षाए और सारी की सारी सुविधाए खत्म कर दी गयी है. जी हाँ, अभी तक इसमें 5 मुख्य नेताओं के नाम नामित किये गये है जिनसे उनकी सारी सरकारी सुविधाए और सारी सरकारी सुरक्षा वापिस ले ली गयी है.

इनके नाम मीरवाइज उमर फारूक, अब्दुल गनी बट्ट, बिलाल लोन, फजल हक कुरैशी, शब्बीर शाह है जो हर साल सरकार के पैसे पर ही मौज उड़ाते थे. इनके लिए महंगे महंगे होटल बुक किये जाते थे और ये वही पर ही ठहरा करते थे.

इनके लिए सरकारी इंतजाम होते थे, सुरक्षाये मिलती थी और इतना सब कुछ होने के बावजूद ये लोग अन्दर ही अन्दर पत्थरबाजो को और उन लोगो को सपोर्ट करते थे जो भारत से कश्मीर को अलग करने की कोशिश में लगे थे. इन पर उन्हें वित्तीय मदद देने का भी आरोप लगता था लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी सरकार इन्हें मजबूरी में मदद देती थी और ये लोग ऐश की जिन्दगी काट रहे थे पर अब ऐसा नही होगा. अब इनके खिलाफ सरकार सख्त हो गयी है.

हालांकि अभी तक सिर्फ 5 नेताओं को निशाना बनाया गया है और इसके बाद और भी लोगो की लिस्टिंग की जा रही है. जनता को अभी भी सरकार से कई उम्मीदे है क्योंकि अभी भी बदले का कुछ प्रतिशत भी नही हो पाया है. अभी तो पाक और कश्मीरी सेप्रेटिस्ट को मुहतोड़ जवाब देने की जरूरत है और आगे भी हमेशा इसी तरह से ही रहने भी वाली है.

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