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जम्मू कश्मीर में शान्ति व्यवस्था बहाल करने के लिये देश के जवान लगातार शहीद होते चले जा रहे है अभी हाल ही में पुलवामा में जो हुआ उसने तो सभी को तोड़कर के रख दिया है. सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में 30 से ज्यादा जवान शहीद हो गये और इसके बाद पूरे देश में दुःख के साथ गुस्सा भी है लेकिन अभी कुछ और भी सामने आया है जिसने सभी को और ज्यादा परेशानी में डाल दिया है. भारत की खुफिया एजेंसियों ने पहले ही इस घटना को लेकर के आगाह कर दिया था लेकिन इन बातो को नजरअंदाज किया गया.

अभी हाल ही में एक पेपर सामने आया है जिसमे खुफिया एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर जम्मू कश्मीर पुलिस के कई बड़े बड़े अधिकारियों को आगाह किया था कि आईईडी हमला हो सकता है और इसका खतरा सबसे ज्यादा 9 फरवरी का है. इस चेतावनी को काफी हद तक हलके में लिया गया और इसका ही परिणाम था कि इस तरह का बहुत बड़ा हमला हो गया.

जैसे ही ये आधिकारिक कागज़ मीडिया में आया है तब से पुलिस के हाथ पाँव फूल गये है क्योंकि अगर सुरक्षा एजेंसियों की इस जानकारी को हलके में न लिया गया होता तो आज शायद इस तरह की घटना न होती उअर आज न जाने कितने ही जवानो की जान बच गयी होती. हालांकि ये ऐसा पहली बार नही है इससे पहले भी कई बार जो भी हमले हुए है उनके बारे में भी अक्सर खुफिया एजेंसियां बार बार और लगातार जानकारी देती रही है.

अब जरूरत है कि सरकार इस मामले में कश्मीर के लोकल लोगो जो इन गतिविधियों में शामिल थे उन्हें ढूंढकर के सजा दी जाए. सोशल मीडिया पर भी इससे जुड़े कई विडियो और स्क्रीनशॉट वायरल हुए है जिनमें कई कश्मीरी और पाकिस्तानी जश्न मनाते हुए नजर आ रहे है और उनपर भी कार्यवाही की जरूरत है.

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